सोचा नही क्या होगा तेरे जाने के बाद !
खो बैठूँगा ख़ुद को तेरे खो जाने के बाद !
जिन्दगी सूनी सी हो जायेगी मेरी !
दर्द बहुत होगा जब याद आएगी तेरी !
तुझे कहूँ न कहूँ तू क्या है मेरे लिए !
जिन्दगी को भी छोड़ सकता हुईं मैं तेरे लिए !
तू चली गई तो जिन्दगी से शिकायत सी हो जायेगी !
जिन्दा तो रहूँगा लेकिन जिन्दगी न रह जायेगी !
मत जा मुझे छोड़ कर यह गुजारिश है मेरी !
क्योंकि मुझे अब आदत सी हो गई है तेरी !
जिन्दगी भर तेरा साथ मैं निभाना चाहता हूँ !
मौत को भी धोका दे तेरे पास मैं आना चाहता हूँ !
लगता नहीं मुझे की मैं तुझे रोक लूँगा !
तेरी खुशी मैं अपनी भी खुशी ढूँढ लूँगा !
कैसे कहूँ मैं तुझसे रुक जाने के लिए !
कहता हूँ यही बस तुम्हे समझाने के लिए !
Monday, September 29, 2008
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