जिधर देखता हूँ मैं ,बस तुम ही नज़र आती हो,
जब तुम मुसकुराती हो,तो फ़ूलो को बरसा जाती हो,
तुम्हारी हर एक अदा मे,एक नया नशा है,
वो तुम ही तो हो जिस पर,येह दिल फ़िदा है !
तुम्हारे जाने के बाद कुछ एसा लगा है ,
अपना सा कोई मुझसे बिछुड़ गया है ,
याद तेरी आती है तो ख्यालों मैं खो जाता हूं मैं ,
कुछ देर बाद ख़ुद को और भी तन्हा पता हूं मैं !
Sunday, February 15, 2009
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